> रहमत कर माँ - Rehmat Kar Maa - Navratri Special Devi Geet - Bhajan Lyrics - Sona Jadhav Lyrics
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रहमत कर माँ - Rehmat Kar Maa - Navratri Special Devi Geet - Bhajan Lyrics - Sona Jadhav Lyrics

रहमत कर माँ - Rehmat Kar Maa - Navratri Special Devi Geet - Bhajan Lyrics - Sona Jadhav Lyrics

Singer Sona Jadhav
Music Lovely Sharma
Song Writer Nitin Diwan


दर दर की माँ खा के ठोकर तेरे दर पर आई हूँ
रहमत कर माँ चरणों में रख ले जग की मैं ठुकराई हूँ

कौन है अपना जग में मईया किसको मैं अपना कहूं
कोई नहीं अब मेरी सुनता किसको दिल का दर्द कहूं
बेदर्दी इस जग से मईया हार तेरे दर आई हूँ
दर दर की माँ खा के ठोकर तेरे दर पर आई हूँ

दुनिया के भव सागर में माँ सबने मुझको छोड़ दिया
दिया ना साथ किसी ने मेरा सबने ही मुख मोड़ लिया
राह अँधेरी देख के मईया मैं तो बड़ी घबराई हूँ
दर दर की माँ खा के ठोकर तेरे दर पर आई हूँ

तोड़ के सारे जग के बंधन तुझसे आस लगाईं है
दिल मेरा कहता मुझसे मईया होनी मेरी सुनवाई है
और ना कुछ भी मांगू तुझसे बस एक अर्ज़ी लाइ हूँ
दर दर की माँ खा के ठोकर तेरे दर पर आई हूँ

मतलब के सब साथी हैं माँ कोई ना मेरा अपना है
अपनों ने ही गैर बना कर तोडा हर एक सपना है
किस से कहूं मैं अपना जग में सबके लिए तो पराई होऊं
दर दर की माँ खा के ठोकर तेरे दर पर आई हूँ


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: -  भजन



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